तेरी चोखट तक आके मैंने खुदको
पीछे खिचा है ।
है पाबन्दी मेरे हिस्से तभी तो ,
ना चाहते भी तुमसे दूरी है,
तुमसे इश्क़ बहुत दर्द दे रहा है मुजे,
पर तुम्हारे बिना जीना अब मुमकिन नहीं!
तुमारी हसी हर दर्द की दवा है ।
तुमहरा होना मेरे जीवन का धैर्य है ।
Komal Mehta