🌊 समुद्र की कहानी — एक कविता
नीले-नीले आँचल में,
लहरों की रवानी है,
शांत दिखता समुद्र मगर,
इसके भीतर एक कहानी है।
कभी हँसकर किनारे चूमे,
कभी तूफ़ान बन जाए,
छोटी-सी एक लहर भी,
चट्टानों को समझाए।
“रुकना मेरी फितरत नहीं,
चलना मेरा काम है,
गिरकर फिर उठ जाना ही,
जीवन का पैगाम है।”
सूरज जब ढलता जाए,
सोने-सा रंग बिखरता है,
चाँद की चाँदी पड़ते ही,
समुद्र और निखरता है।
नाविक जब राह भूल जाए,
लहरें राह दिखाती हैं,
कभी परीक्षा लेती हैं,
कभी मंज़िल तक पहुँचाती हैं।
समुद्र ने मुझसे कहा—
“तू भी मुझसे सीख ज़रा,
गहराई रख अपने भीतर,
पर चेहरे पर रख मुस्कान सदा।”
कितने राज़ छुपे हैं मुझमें,
कितने सपने पलते हैं,
जो साहस लेकर उतरते हैं,
वही मोती पाते हैं।
इसलिए ऐ इंसान,
लहरों से डरना मत,
जीवन चाहे जितना गहरा हो,
अपनी नाव छोड़ना मत।
क्योंकि समुद्र की कहानी यही सिखाती है—
लहरें कितनी भी उठें,
जिसके भीतर विश्वास हो,
वह किनारा एक दिन पा ही जाता है। 🌊✨