तुम गुलाब हो तो मुझे काँटा बनना पसंद है
तुम समंदर बनो तो मुझे दरिया बनना पसंद है
तुम मिट्टी तो मुझे हवा बनना पसंद है
तुम्हे बारिश में भीगना पसंद है मुझे तुम्हे बारिश से बचाना पसंद है
तुम्हे अपने छत से देखना पसंद है
तुम्हारे हर बात में हाँ भरना पसंद है.......