कहते हैं कहने दो
**************
लोग कहते हैं तो कहने दो
वो तो कहेंगे ही,
बस! आप ध्यान मत दो, उनको कहने दो,
क्योंकि लोगों का काम ही है
कुछ न कुछ कहते रहना,
आप भी सिर्फ अपना काम करो
आपको तो आगे बढ़ना है न?
हाँ! तो लोगों की बातों को नजरअंदाज करो
आँख खुली और कान बंद रखो
और बस! अपने लक्ष्य पर ध्यान दो।
लोग कहते रहेंगे, आप चुपचाप आगे बढ़ते रहो
लोगों की बातों का मौन प्रतिउत्तर
अपने धर्म -कर्म-श्रम से दो,
लक्ष्य जब छू लो तब
सिर्फ मुस्कराकर उन सबका आभार धन्यवाद करो
और कुछ कहते रहने की शुभकामनाएँ भी दो।
सुधीर श्रीवास्तव