लोग पूछते है क्या ही दिक्कत है एक कमरा मन पसन्द पढ़ाई मन चाहा वक्त और हर सुविधा तकलीफ ही नहीं पढ़ाई ही तो करनी है
एक बच्चा जिसने दिल से तैयारी की है वो खुद की आइडेंटिटी तक भूल जाता है उसको क्या पसन्द था कितना पसंद था क्यों पसंद था किस लिए पसंद था
दो वक्त का खाना एक वक्त ही बना लेना
हर दिन खुद को खुद ही समझा लेना रोज खुद को खुद ही मन लेना
फिर हंस के सब कुछ भुला देना
फिर एक कमरा चार किताब सब में छुपा लेना
सिसक सिसक के न पास होने का डर खुद को बता देना
हुआ तो क्या उस खुशी को महसूस कर पाना जता देना
अपने अंदर खत्म को जग लेना
बस यही होता है एक कमरा कुछ किताबें
मन चाहा सफ़र
#aspirant