सेवानिवृत्ति का नया सवेरा
बुजुर्गों के लिए
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आज सफ़र का एक पड़ाव पूरा हुआ,
जीवन का एक सुंदर अध्याय पूरा हुआ।
वर्षों की मेहनत, समर्पण और विश्वास,
आज बन गए हैं यादों का मधुर प्रकाश।
सुबह की भाग-दौड़ अब थम सी गई,
ज़िम्मेदारियों की डगर भी कम सी गई।
पर जीवन की राह अभी कहाँ रुकी है,
हर नई सुबह में एक नई खुशी है।
कार्यालय की बातें, साथी और मुस्कान,
रहेंगी सदा दिल में बनकर पहचान।
हर पल की मेहनत, हर दिन का सम्मान,
बन गया जीवन का सबसे सुंदर वरदान।
अब समय है अपने सपनों को जीने का,
परिवार संग हर पल मुस्कुराने का।
अधूरी इच्छाओं को पंख लगाने का,
और हर दिन को उत्सव बनाने का।
रिटायरमेंट अंत नहीं, नई शुरुआत है,
जीवन की सबसे प्यारी सौगात है।
ईश्वर करे हर दिन सुखमय और मंगलमय हो,
हर पल आनंद, स्वास्थ्य और प्रेम से उज्ज्वल हो।
नई राहों पर आपका हर कदम शुभ हो,
जीवन का हर आने वाला कल और भी सुंदर हो।
मेरी कलम से--
--डॉ अनामिका--