माँ दादी क्या कह रही है? तुम इन्हे जबाब क्यू? नही देती। सारी उम्र बीत गयी। इन की टर्टटर्ट सुनते - सुनते ऐसा कुछ भी नही है। जैसा दादी कुछ भी कह देती है। इस की शादी कर दो कही मुॅह काला न कर बैठे। मॉ जरा दो मिनट अपने कॉलेज के लड़के से बात क्या कर ली । तरह तरह की बाते बना रही है। तुम हो जो सारा जीवन बीता दिया। दादी की गलत सही सब पर हॉ मिलाती रही हो। इतना भेद म्यू? जब पडोस के अंकल ने घर आ कर दादी से बोला अपने पोते को संभाल लो फलाने की लड़की के साथ चम्कर है। जब दादी ने कुछ नही कहाँ क्यों? कि वो लड़का है। लड़का कुछ भी कर सकता है। मेरा पोता मर्द बन गया । जबान हो गया जो लड़कियो को फसॉ रहा है। क्या वो लड़की भी तो किसी की बेटी है ये रुडिवादी सोच नही बदलेगी । जमाना चाहे बदल जाये