सात वचनों की वास्तविकता
छठा वचन : छठे फेरे में वधू वर से ये वचन मांगती है कि अगर में अपनी सखियों, परिवार या अन्य लोगों के बीच बैठी हूं तो आप कभी भी मेरा सामाजिक रूप से अपमान नहीं करेंगे साथ ही जुआ आदि किसी भी बुरी आदतों में नहीं फसेंगे अगर आप मुझे ये वचन दे तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूं.....।
वास्तविकता : भरी महफिल में गलतियां गिना देना, तेरे मां बाप ने तुझे यही सिखाया है, तुझे तो कोई भी काम ढंग से नहीं आता। फलाने की बहु तो सारे कामों मे तेज है यह कह कर लोगो के सामने इज्जत उछाल देते है।
सातवां वचन : विवाह के आखिरी सातवें फेरे में वधू कहती है कि आप पति पत्नी के आपसी प्रेम का भागीदार किसी अन्य को नहीं बनाएंगे और अन्य स्त्रियों को माता या बहन की भांति सम्मान जनक दृष्टि से देखेंगे अगर आप ये वचन दे तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूं....।
वास्तविकता : दोनों पति पत्नी एक दूसरे के प्रति समर्पण है अपनी भावनाओं पर संयम ही इस वचन को पूरा बनाता है।
✍️ अंतिमा 😊