सात वचनों की वास्तविकता
पहला वचन : पहले फेरे में वधू आगे रहती है और अपने होने वाले जीवनसाथी से वचन मांगती है कि जब भी आप जीवन में कोई तीर्थ यात्रा, हवन, पूजा या अन्य कोई धार्मिक कार्य करेंगे तो आप मुझे अपने साथ रखेंगे यदि आप सहमत है तो में आपकी जीवनसंगिनी बनना स्वीकार करती हूं...........।
वास्तविकता : यह एकमात्र ऐसा वचन है जिसमें पुरुष को अपनी पत्नी की याद आती है क्योंकि उसे अपनी धर्म पत्नी को वामांग में बिठाना मजबूरी है।
दूसरा वचन : वर से दूसरा वचन वधू लेती है कि में जिस तरह अपने माता पिता का सम्मान करती आयी हूं उसी तरह से आपके माता पिता ओर परिजनों का सम्मान करूंगी और मेरी ही तरह आप भी मेरे माता पिता का सम्मान करेंगे और घर परिवार को अपना मानेंगे यदि आप सहमत है तो में आपकी जीवनसंगिनी बनना स्वीकार करती हूं......।
वास्तविकता : पत्नी की छोटी छोटी गलतियों पर उसके माता पिता मां बाप बन जाते है " तेरा बाप " यह शब्द नहीं गाली बन जाते है।
इस वचन मे कई स्त्रियां भी गलत हो सकती है अपने माता पिता जितना प्रेम, सम्मान अपने सास ससुर से नहीं करती इसके पीछे की वजह सास ससुर का व्यवहार भी हो सकता है
तीसरा वचन : तीसरे फेरे में वधू वर से ये वचन लेती है कि मैं जीवन की तीनों अवस्थाओं ( युवावस्था, प्रौढ़ावस्था, वृद्धावस्था ) मे आपका साथ निभाऊंगी अगर आप भी मुझे ऐसा वचन देते है तो में आपकी जीवन संगिनी बनना स्वीकार करती हूं......।
वास्तविकता : वचन तो तीनों अवस्थाओं में साथ रहने का होता है तो यह छोटे छोटे झगड़ों में अलगाव की बात कहा से आ जाती है।
पति द्वारा कहे गए शब्द " चली जा मेरे घर से" पत्नी द्वारा कहे गए " नहीं रहना मुझे तुम्हारे साथ" ये शब्द इस वचन का उल्लंघन करते है।
चौथा वचन : चौथे वचन में वर आगे आता है इसके बाद वधु पति से वचन मांगते हुए कहती है कि अब तक आप घर परिवार की चिंता से मुक्त थे विवाह के बाद परिवार की जरूरतों को पूरा करने का दायित्व आप पर होगा अगर आप इसे निभाने को तैयार हैं तो में आपकी जीवनसंगिनी बनना स्वीकार करती हूं......।
वास्तविकता : विवाह के पश्चात भी कही माता पिता के लाडले जिम्मेदारी तो दूर की बात है अपने माता पिता के बिना अपनी जिंदगी के निजी फैसले भी नहीं ले पाते जैसे माता पिता कहेंगे वैसा ही करेंगे।
पांचवां वचन : पांचवे वचन मे कन्या अपने अधिकारों की बात करते हुए वर से वचन मांगती है कि घर के कार्यों में विवाह आदि लेन देन ओर किसी अन्य चीज पर खर्चा करते समय अगर आप मेरी भी राय लिया करेंगे तो मैं आपकी जीवनसंगिनी बनना स्वीकार करती हूं....।
वास्तविकता : " तू तेरा काम कर " , " अपने काम से काम रखा कर तुझे ज्यादा बोलना नहीं है " यह वाक्य इस वचन पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगा देते है।
✍️ अंतिमा 😊