बेटियों पर अनमोल शायरियां
लक्ष्मी का वरदान है, खुशियों की ये खान है,
जिस घर में बेटी जन्म ले, वो घर स्वर्ग समान है।
खिलती हुई कलियाँ हैं ये, घर की पावन रीत हैं,
बेटियाँ तो खुदा के लिखे, सबसे सुंदर गीत हैं।
बेटियाँ तो हर किसी के नसीब में कहाँ होती हैं,
ऊपर वाले को जो घर पसंद आए, वहाँ होती हैं।
एक मीठी सी मुस्कान है बेटी,
खुदा की दी हुई एक अनमोल पहचान है बेटी,
हँसती है तो दिल को सुकूँ मिलता है,
सच कहें तो हर घर की शान है बेटी।
माँ की परछाई, पिता का गुमान होती हैं,
ये बेटियाँ ही तो घर की जान होती हैं।
बेटा अंश है तो बेटी वंश है,
बेटा मान है तो बेटी मुस्कान है।
चिड़िया की तरह चहकती है ये हर आंगन में,
खुशियाँ बिखेर देती है ये पूरे घर के आँगन में।
देकर जन्म जिसे, माँ-बाप निहाल हो जाते हैं,
बेटी के आने से घर के सारे दुख टल जाते हैं।
कभी परियों सी लगती है, कभी गुड़िया सी दिखती है,
बेटी की मासूमियत से ही घर की रौनक टिकती है।
ये मत कहो कि बेटी बोझ होती है,
बेटी तो वो खुशबू है, जो हर दिल में महकती है।