चलों ग़मो का महफ़िल सजाते हैं,
दिल को जो दे जाएं सुकून ,
कुछ ऐसा सुनाते हैं।
तेरी यादों ने जीना मुश्किल कर दिया,
चलों इन यादों को सीने में लगाते हैं।
मखमली सी धूप में लिपटी हुई,
जब आई थी मेरे ख्यालों में,
चलों तुम्हारे ख्यालों को पलकों पर बैठाते हैं।
- Radhika