जिंदगी की रेस में हम भाग दौड़ करते है,
उस भाग दौड़ में एक सुकून ,
कुछ वक्त का पड़ाव या
थकान में शांति होते है दोस्त।।
दोस्त मन के उठे चक्रवात में
शांत प्रवाह में बहती हवा से होते है।
घाव तो उठते है बहुत,
पर मन के घाव में मलहम से होते दोस्त।
दोस्त वो होते है
जो तन से बंधे हुए आत्मा की तरह होते है।
वो न हो तो तन भी मर जाता है।
- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત