एक ही दिल है मेरे पास,
और उसी में ना जाने कितने दर्द छुपे बैठे हैं…
कुछ वक्त ने दिए, कुछ अपनों ने,
और कुछ मैंने खुद ही चुपचाप सह लिए।
कभी सोचा था गिनूंगी इन्हें,
पर हर बार आँसू ही गिनती रह गई…
सुना है हर दर्द की कोई न कोई दवा होती है,
बस उसी की तलाश में निकली हूँ…
शायद कहीं सुकून मिल जाए।
— A Singh ✨