कान्हा, आपके जीवन में कितनी ही कठिनाइयाँ आईं,
कभी मथुरा की साज़िशें, कभी वृंदावन से बिछड़ने का दर्द।
फिर भी हर परिस्थिति में आपने धैर्य रखा,
और होठों पर वही मधुर मुस्कान बनाए रखी।
हे कृष्ण मुरारी, हम तो छोटी-छोटी बातों में ही टूट जाते हैं,
कभी हालात से, कभी अपनों की बातों से बिखर जाते हैं।
मन कई बार थक जाता है इस दुनिया की उलझनों से,
और दिल भी खामोशी में अपने दर्द छुपा लेता है।
बस इतनी सी कृपा कर दो कान्हा,
कि आपके जैसा धैर्य और हिम्मत हमें भी मिल जाए।
आपकी कृपा का एक दीपक दिल में जल जाए,
तो अंधेरी राहों में भी उजाला मिल जाए।
आपका नाम ही हमारा सहारा बन जाए,
और हर मुश्किल में भी होठों पर मुस्कान आ जाए।
जय श्री कृष्ण 🌸
— A. Singh ✨