चौपई - होलिका
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दहन होलिका छाया रंग।
नाच रहे हैं पीकर भंग।।
बच्चे बूढ़े सब हैं मस्त।
सभी आज लगते हैं व्यस्त।।
आगे बढ़कर आओ आप।
प्रेम प्यार का करिए जाप।।
दहन होलिका होगा शाम।
जल्दी से निपटा लो काम।।
प्रेम प्यार से खेलो रंग।
खुशियों में मत घोलो भंग।।
दहन होलिका का संदेश।
समझो मानवता परिवेश।।
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सुधीर श्रीवास्तव