सिर्फ तुम....❣️✍️
तुम्हे कहूँ तो लब्ज़ हो तुम,
तुम्हें पढ़ूँ तो किताब हो तुम।
तुम्हें सुनूँ तो दिल की धड़कन,
तुम्हें लिखूँ तो मेरी कलम हो तुम।
लोगों की होंगी अपनी-अपनी
प्रेम कहानियाँ हज़ार,
मेरे जीवन की हर साँस में
बस एक ही इंतज़ार हो तुम।
ख़ुदा भी तुम, दुआ भी तुम,
मेरे हर ख़्वाब का आधार हो तुम।
सबसे अच्छा मेरा यार हो तुम,
फिर भी अधूरी-सी एक बात हो तुम।
ख़ुदा भी तुम, जीवन भी तुम,
सबसे प्यारा मेरा यार हो तुम।
दुनिया पढ़े चाहे लाख किताबें,
मेरी तो ख़ुद की शायरी हो तुम।
जो दूर रहकर भी पास लगे,
वो यादों की वो बेकरारी हो तुम।
मुस्कान में छुपा दर्द और
आँखों की नमी हो तुम।
सब कुछ होकर भी जो ना मिले,
मेरी सबसे बड़ी कमी हो तुम…