#13. वो भी एक जवान हैं... 👨🌾
वो मौसम की हर परिस्थिति को जानता हैं, अकाल में भी वो हार नहीं मानता हैं,
अगर न हो जमीं पे पानी तो वो पसीने की नदियाँ बहाता हैं,
घुटने नहीं टेकता उसका हौसला हिमालय सा चट्टान हैं, हाँ वो किसान हैं इस देश का वो भी एक जवान हैं.....
फसलों की उपज से वो अपने घर को चलाता है, अपने परिवार के साथ साथ पशु पक्षियों को भी दाना खिलाता हैं,
नहीं हैं उसके पास दिव्य शक्ति कोई फिर भी वो हमारे लिए भगवान हैं, हाँ वो किसान हैं इस देश का वो भी एक जवान है.....
उसकी फसलों की कुछ ज्यादा कीमत नहीं हैं,इसका विरोध करने का अब उसके पास हिम्मत नहीं हैं,
सरकार ने उसको दबाया हैं अपने हीं घर में सताया है, वें भूल रहें हैं कि,
उसके हाथों में हीं देश का कमान हैं, हाँ वों किसान हैं इस देश का वो भी एक जवान हैं.....
फाड़ कर छाती वो जमीन का सोना उगलवाता हैं वर्षा की आश में तपती धुप में पैर जलाता है,
नहीं रहा उसको अब उम्मीद किसी से दे रहा वो खुद को बलिदान (आत्महत्त्या) हैं,
हाँ वो किसान हैं इस देश का वो भी एक जवान हैं.....
नही हैं उनके सीने पर कोई पदक फिर भी चेहरे पर रहता हैं एक चमक,
वो अंधेरी रात में जुगनू सा चमकता एक इंसान हैं वो शेर ए हिंदुस्तान हैं,
हाँ वो किसान हैं इस देश का वो भी एक जवान हैं....!
:- रौशन कुमार केसरी
24.01.2026