#4. मैं नजर नही आऊँगा फिर भी तुम छुपा नहीं पाओगी,
अपने मन के शीशे से मेरा चेहरा हटा नहीं पाओगी,
जो तुझपे बीतेगी वो हाल-ए-दिल किसी को बता भी नही पाओगी
तुम्हें लगता हैं मुझे छोड़कर खुश रह लोगी तुम, मैं वो हकीकत हूँ जिसे जीते-जी तुम भुला नहीं पाओगी।
:- रौशन कुमार केसरी
05.12.2025