मेरे देश का कानून
है कमजोर पर
फिर भी मुझे भरोसा है
सरकारों में नहीं
देश चलने का दम
फिर भी मुझे भरोसा है
दरोगा बन बैठा
है आज डकैत
फिर भी मुझे भरोसा है
सन्यासी जो सबसे
बड़ा है चोर
फिर भी मुझे भरोसा है
छींटे है दामन पर
मंदिर के पुजारी के
फिर भी मुझे भरोसा है
कभी न कभी आयेगा
राम राज इसी का
मुझे भरोसा है
आशीष जैन (श्रीचंद)