हम जब मिले थे, वह पल मुझे अभी भी याद है
तुमसे कहने को बहुत कुछ था
पर वो बातें मैंने तुम्हारी आँखों मैं पढ़ लीं
शायद तुम्हें यह एहसास ही हुआ
कि तुमने नज़रें झुका ली
क्या तुम्हें भी वह पल याद है?
जब हम मिले थे
ऐसा तो नहीं कि बस मैं ही इंतज़ार में हूँ
और तुम किसी और की ख़्यालों में खोए हो
तुम्हें बताना तो चाहता हूँ पर
जवाब सुनने से डरता हूँ
इसलिए आज लिख रहा हूँ
अगर ये अल्फ़ाज़ तुम तक पहुँचें,
तो बस ख़ामोशी में कोई जवाब छोड़ जाना।