जो सबको समझ में आ जाए
वो कहानी कहाँ मेरी
एक झूठ मेरा एक झूठ उसका
एक सच मेरा लेकिन फिर एक झूठ उसका
मेरी गलती अपराध
उसकी गलती की सबने माफ
वो खुश हैं सुकून में हैं
उसके साथ कुछ नये लोग भी हैं
सुना हैं वो मुझसे ज्यादा समझदार हैं
अरे नहीं!!शायद उस शख़्स को भी उससे प्यार हैं
मेरे लिए तो सब झूठा दिखावा था उसका
असली प्यार तो शायद उस शख्सियत की कर्जदार हैं
सुना हैं वो मनाना जानता हैं
हर बारी माफी अब वो ही मांगता हैं
मेरे साथ तो वो कोई राजा के जैसे था
गलती भी उसकी फिर भी
कभी ना साॅरी कहता था
शायद इसीलिए मैं बस एक किनारा बन गई
वो दरिया और मैं बस एक सहारा बन गई
मेरी किस्मत ने मेरे साथ कोई धोखा नहीं किया
बस उस शख़्स मुझें एक और मौका नहीं दिया
मैं बुद्धु जो हूँ,,,,मुझें लगा शायद गुस्से में
कोई बात मेरी कहीं चुभ गई उसे
लेकिन गलत मैं थी वो शख़्स सही था
वो प्यार नहीं था शायद वो वक्त सही था
मुझें छोड़कर जाने का उसे बहाना मिल गया
फिर उस मुसाफ़िर को
कोई नया किनारा मिल गया
इस बार ये बात कितनी दूर तक जायेगी
क्या जीवन भर वो उसका
साथ निभाएगी...
कुछ भी पता नहीं लेकिन ये सच
मेरे लिए अच्छा नहीं.....
मुझें मेरे होने पर संदेह होता हैं
किसी भी इंसान के दिल में दिमाग
कैसे होता है????
ये सवाल कई बार किया मैंने खुद से
फिर मेरे मन ने कहा मुझसे.....
अरे!!OG girl ....tumko budhu banaya gya hai
तुम्हारा किमती समय चुराया गया हैं।
भूल जाओ अब सब कुछ अब बदल नहीं सकता
जो एक धोखा दे सकता हैं क्या वो
दूसरी को धोखा दे नहीं सकता....
ना भी दे तो क्या....???
Who care's
But i feel very upset sometimes
I miss him isliye nahi buss isliye ki how foolish i am .