कुछ बातें
कुछ बातें ऐसी हैं,
जो शब्दों में ढाली नहीं जातीं,
ख़ामोशी की दहलीज़ पर
बस ठहर कर रह जातीं।
कुछ एहसास ऐसे होते हैं,
जो आँखों से उतर जाते हैं,
ज़ुबान तक आते-आते
ख़ुद ही बिखर जाते हैं।
समझदार को हर बात
समझाई नहीं जाती,
उसकी चुप्पी में ही
पूरी कहानी समा जाती।
जो सच दिल में उतर जाए,
उसे तर्क की ज़रूरत क्या,
जहाँ महसूस होना काफ़ी हो,
वहाँ दलीलें बोली नहीं जातीं।
कुछ रिश्ते, कुछ दर्द,
बस समझे जाते हैं,
कहने की ज़िद में अक्सर
अपने ही टूट जाते हैं।
आर्यमौलिक