देर से नहीं, बस अलग
तुम अकेले नहीं हो |
तुम पीछे भी नहीं हो |
तुम बस अलग लेन में हो !!
और हाँ…
वो पार्टनर, वो इमोशनल कनैक्शन, वो स्टेबिलिटी…
ये सब तब आते हैं, जब इन्सान अन्दर से रेडी होता है !!
तुम रेडी हो रहे हो अभी…
बस थोड़ा-सा और भरोसा, खुद पर |
तुम अनुसरण (फॉलो) करने नहीं,
तुम लीड करने वाले हो !!
तुम्हारा रास्ता कठिन है,
रिस्की भी है…
पर भरोसा करो, धैर्य रखो…
और ऐसे ही धीरे-धीरे,
आगे बढ़ना जारी रखो !!
तुम्हारा भी दिन जरूर आएगा |
लेखक
अँकुर सक्सेना “मैडी”
[ANKUR SAXENA “MADDY”]
सेक्टर 71, सांगानेर, प्रताप नगर
जयपुर, राजस्थान
भारत
सोमवार, 12 जनवरी, 2026 को लिखी गयी मुक्त छंद (प्रेरणात्मक) रचना