माँ, ये नदियाँ कहाँ से आती हैं
और कहाँ चली जाती हैं?
ये एक जगह ठहरती क्यों नहीं,
अगर इन्हें जाना ही होता है
तो फिर ये आती ही क्यों हैं?
माँ, इन्हें हम नदी ही क्यों कहते हैं,
क्या कोई और नाम नहीं दे सकते?
जैसे कि हम इन्हें शुचिता,
कविता या बबिता नहीं कह सकते?
जब ये सभी जल से ही बनी हैं
तो फिर इनके अलग–अलग नाम क्यों हैं?
माँ, नदी होने के लिए कुछ
करना पड़ता है क्या?
इनसे निकलने वाली पंक्तियों को
हम नदी क्यों नहीं कहते?
सच बताओ माँ,
नदी की असली परिभाषा क्या है?
माँ, नदी हमेशा सफ़ेद सी क्यों होती है,
फिर कभी-कभी काली क्यों लगती है ?
ये अपने साथ घरों को
क्यों बहा ले जाती है,
और उन्हें कहाँ ले जाती है माँ?
कहीं ऐसा तो नहीं
कि वो उसी में रहना चाहती हो?
सच क्या है मां
माँ, ये नदियाँ समुद्र की ओर ही क्यों जाती हैं?
क्या हम इन्हें अपने घर नहीं रख सकते?
ये बोतल में क्यों नहीं समा पाती?
माँ, ये नदियाँ कहाँ से आती हैं
और कहाँ चली जाती हैं?
ये एक जगह ठहरती क्यों नहीं,
अगर इन्हें जाना ही होता है
तो फिर ये आती ही क्यों हैं?
~ priti