✨ प्रेरणा की लौ ✨
थोड़ा-थोड़ा चलकर ही, मंज़िलें पास आती हैं,
अंधेरों से लड़ने वालों को, सुबहें मुस्कुराती हैं।
गिरकर भी संभल जाना, यही पहचान है तेरी,
हर मुश्किल में चमक जाए, ये उम्मीद की दीपक तेरी।
रास्ते कितने भी कठिन हों, हौसला मत हारना,
थक जाएँ पाँव अगर, सपनों को फिर पुकारना।
तेरा हर कदम कहानी है, तेरी हर सांस जंग,
जो आज तूने ठाना है, वही बनेगा तेरा रंग।
आंधियाँ तेज़ हों चाहे, तू रुकना मत, झुकना मत,
दिल में जो रोशनी जगी है, उसे अभी बुझने मत देना।
उठ—खुद पर यकीन करके, अपनी जीत लिखने चल,
तू खुद एक प्रेरणा है, दुनिया को दिखने चल। ✨
कल्पना महाराणा✍️