सालों बाद मुलाक़ात कुछ इस तरह हुई,
हमारी नजरे झुकी हुई,
और वो मुस्कुराते हुए,
धड़कन तेज हो जाती थी, हर स्पीडब्रेकर पर,
स्कूटी को पकड़े हुए भी एक झटके में उसने टकराने पर,
जब अनजाने में ही सही,
मेरा हाथ ढूंढ लेता था, उनका कंधा था वहीं,
गाड़ी की तफ़्तर के साथ दोनों की दिल धक धक बढ़ने लगी,
मैं उन्हें कस कर पकड़ने लगी,
शायद आज दोनों प्यार का इजहार करने वाले थे,
दिल की बात सामने वाले को बोलने वाले थे,
मंजिल पहुंचते ही दिया उनको गुलाब,
बदले में मुस्कुरा कर दिया उन्होंने जवाब ।