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🌿 "मेहनत का दीपक" 🌿
पसीने की हर बूँद में छिपी है रोशनी,
मेहनत ही है इंसान की असली धरोहर।
जो सपनों को सच कर दिखाती है,
और साधारण को असाधारण बना जाती है।
रातें जागकर, दिन थककर भी जो चलता है,
वही सूरज की पहली किरण बनता है।
कदम भले डगमगाएँ राहों में,
पर मेहनती कभी हार नहीं मानता है।
किस्मत भी उन्हीं के आगे सिर झुकाती है,
जो अपने हाथों से अपनी तक़दीर लिखते हैं।
पत्थरों को भी मोम बना देती है—
सच्ची लगन, धैर्य और परिश्रम की धार।
मेहनत ही जीवन का सबसे बड़ा मंत्र है,
जो कहता है—
"कल का सोना आज की मिट्टी से ही जन्म लेता है।"
इसलिए मत रुक, मत थक, मत हार—
क्योंकि मेहनत करने वाला
हर हाल में सितारों तक पहुँच जाता है।