अपने ही लम्हों का राजा
मौज में खोया, अपने रंगों में बसा,
जो मस्त है अपने मोहल्ले में, उसे कोई छू न सके।
हर लम्हा अपने ही ख्वाबों से सजाया,
दुनिया के शोर में भी खुद को बस पाया।
जो खुद से प्यार करता है सच में,
वो किसी पे अपना वक्त नहीं गवाता, सच में।
दुख के बादल आए तो भी मुस्कुराया,
खुशियों के फूल अपने दिल में लगाया।
हर कोई किसी के लिए बर्बाद नहीं होता,
जो अपना है, वो खुद में ही पूरा होता।