"मासूम जुदाई…"
नफ़रत नहीं थी तुझसे, बस हालात ऐसे थे,
तेरे पास रहकर भी तुझसे दूर जैसे थे।
मैंने छोड़ा तुझे सिर्फ इस डर से,
कि तू मुझे आदत समझ ना बैठे कहीं हर पल के सफ़र से।
मासूम थी मेरी चाहत, मासूम थी मेरी जुदाई,
तेरे हर दर्द को चुपचाप सीने से लगाई।
कभी लौट के देखेगा, तो आंखें कहेंगी सब कहानी,
कि कैसे मोहब्बत ने निभाई थी ये बेगुनाह कुर्बानी।
मैं गई नहीं थी तुझे छोड़ने के लिए,
मैं तो गई थी तुझमें हमेशा के लिए ठहर जाने के लिए…
kajal Thakur 😊