तेरी यादों के सहारे जी रहे हैं हम,
हर पल अश्कों के सागर पी रहे हैं हम।"
ना चैन है इस ज़ालिम जिंदगी में ना हमे करार है
अब लौट आओ मेरी प्रिया बस हमे तेरा ही इंतेज़ार है
तुझे याद करता हु हर पल ,अब कोई सुकून नहीं है
अपने प्यार को यू इस तरह तड़पाना क्या इतना सही है ?