तेरे इश्क की खोज करता रहूं बस एक ही अब चाहत है
और कुछ न चाहिए रब से बस , तेरे इश्क में दिल को राहत है
इश्क ये तेरा है या खुदा है
इतने करीब होके भी हम क्यों जुदा हैं
तुमसे मिलने की ये बार बार करे यही इबादत
अबतो भूलने से न मिटती है तुझे चाहने की मेरी आदत
ख़ैर मांगू रब से सदा बस तेरे ही प्यार की
की जिंदगी खुशहाल रहे बस मेरे यार की