प्रेमानन्द जी महाराज--आप कृष्ण भक्त हैं। दोनों किडनी आपकी बहुत दिनों से खराब है। जब शाम तक आपको रोटी नहीं मिलती थीं तो भिक्षा के लिए किसी गृहस्थ का दरवाजा आप खटखटाते थे। भगवान ने समय बदल दिया। प्रातः ढाई बजे जब आप निवास से आश्रम के लिए आते हैं तो हज़ारों देशी-विदेशी स्त्री-पुरुष दर्शन के लिए अब कई-कई घंटे इन्तज़ार करते रहते हैं। यह है प्रेमानन्द जी पर भगवान की कृपा। कृपा आप पर भी हो सकती है। नैशपीठ में चल रहे रामाधुन में आप आइए और अपने बच्चों को भेजिए। आपका शुभेच्छु, गणेश तिवारी पीठाधीश्वर नैशपीठ ।