एक लड़का और लड़की समंदर किनारे बैठे हुए थे, लड़की न जाने कबसे उसे निहार रही थीं।
उसे ऐसे देख लड़के ने पूछा क्या देख रही हो?
उसका सवाल सुन लड़की ने बिना सोचे जवाब दिया अपने शिव को !
अच्छा तो फिर पार्वती जैसा तप भी करना होगा,और सती जैसा वियोग भी सहना होगा।
लड़की: (आँखों में दृढ़ता लिए) "मैं तपस्या के लिए तैयार हूँ, और वियोग भी सह लूंगी, अगर तुम मेरे शिव हो।"
लड़का: (हल्की मुस्कान के साथ) "पार्वती ने शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, और सती ने अपने प्रेम के लिए खुद को अग्नि में समर्पित कर दिया था। क्या तुम जानती हो कि यह कितना कठिन है?"
लड़की: "मैं जानती हूँ, लेकिन प्रेम में शक्ति होती है। अगर मेरा प्रेम सच्चा है, तो मैं सब कुछ सह सकती हूँ।"
लड़का: "प्रेम में बलिदान भी होता है, और कभी-कभी वियोग भी। क्या तुम इसके लिए तैयार हो?"
लड़की: "अगर तुम मेरे साथ हो, तो मैं किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हूँ। मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूंगी।"
लड़का: "मैं भी तुम्हें कभी नहीं छोड़ूंगा। हम एक दूसरे के साथ रहेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए।"
लड़की: (मुस्कुराते हुए) "तो क्या तुम मेरे शिव बनोगे?"
लड़का: (गंभीरता से) "मैं कोशिश करूंगा कि तुम्हारे योग्य बन सकूं।"
उस पर उस लड़की ने कहा,
में तेरी पार्वती बन जाऊ!
तेरी जटाओं में गंगा सी बह जाऊँ,
मैं तेरी पार्वती बन जाऊँ।
तेरे त्रिनेत्र की ज्वाला में तप कर,
मैं भस्म की राख में रम जाऊँ।
अच्छा तो फिर अपना महल छोड़ मेरे साथ चलोगी? इस लड़के ने पूछा ।
तुम बस मुझे नवरात्रि में मांग लेना,
में तुम्हे शिवरात्रि मे मांग लुंगी...... उस लड़की ने
जवाब दिया।
प्रेम की लिखी गई थी वो कहानी,
शमशान के राजा के लिए ,
महल छोड़ आई थी एक महारानी......।
आप सभी को महाशिवरात्रि की शिवमय शुभकामनाएं....