1. सादगी उसकी पहचान थीं,
सत्य जिसकी जान थी ,
लाठी थी जिसके हाथ में,
फिर भी अहिंसा की शान थी ।
2 जिसने खामोशी से इन्कलाब लिख दिया,
वो बापू था , जिसने इतिहास रच दिया ।
3 वो चला था अकेले ,
पर जनसैलाब बन गया,
एक नाम नही , ब्लकि पूरा अध्याय बन गया।
4 जिसके पास ना कोई सेना ,
ना शस्त्र था,
फिर भी उनके विचार सबसे शक्तिशाली अस्त्र थे ।