उम्र में बड़ी प्रेमिकाएं
जिद्द नहीं करती प्रेम की
वो जानती है
प्रेम को सहेजना
उन्हें समझ है प्रेम के स्वाद की..
जैसे
रोटी के स्वाद से ज्यादा
लज़ीज़ होती है
उसके पकने की खुशबू
जैसे
बारिश से ज्यादा मगन करती
बूंदों में घुली मिट्टी की सौंध
जैसे
हमबिस्तर से ज्यादा
रोमांचक होता है
माथे पर पहला बोसा
उंगलियों की बदन पर पहली छुअन
जैसे
चप्पल के सुकून से ज्यादा
सिहरन देती
नंगे पांव रेत पर टहलन
जैसे
एकांत में प्रेमिका के मिलने से ज्यादा
उत्तेजित करता
उसको उसकी छत पर देखना
कपड़े सुखाते
उम्र में बड़ी प्रेमिकाएं
वास्तव में होती है
स्वर्ग और नर्क के बीच
उधेड़बुन में फंसी आत्मा
जिससे मिलने के लिए
तुम्हें जीते जी
उसके साथ मरना होगा.. ❤️❤️
GOOD MORNING 🌞