भावना ओ का कोई मोल नहीं होता।
ओर प्रेम को व्यक्त कर पाएं ऐसा
कोई शब्दकोष में शब्द नहीं बने...
वो बस होती हैं तो होती है
निशब्द मौन ...
आंखों की गहराई में...
अनंत जिसकी कोई गहराई का नाप नहीं होता
वो बस हर बंधनो से मुक्त
विरह में तो अनंत प्रतिक्षण धड़कती रहती
मूर्ख होते जो लोग प्रेम शब्द में स्त्री पुरुष ढूंढते
प्रेम तत्व तो कहीं ऊपर है
राधे कृष्णा 🙏🏻