❤️❤️❤️दिल करता हैँ
❤️दिल करता हैँ मेरा के मैं खूब खुश रहूं
घर के कामो से थोड़ा वक़्त खुद को देना चाहती हूँ
कहाँ कोई हैँ जो मुझे यह पूछ ले
के क्या तुम ठीक हो, खाना टाइम पर खाया करो,
बिमार हो जाओगी
सब को खिला कर खुद को क्यों हैँ बाद में खाना
तुम्हे भूक हैँ पहले तुम खालो
अरे तुम इतनी सुबह उठती हो
काम होते रहेंगे, खुद को आराम दो
काश.....
यह कोई मुझसे कहदे
खुद के लिए वक़्त माँगा एक दिन
तो मुस्कुरा कर कहा के तुम्हारे पास ही तो हूँ
पास में बैठा हूँ, साथ में movie देखा
अब कितना वक़्त दूँ तुम्हे
मैंने मुस्कुरा कर, अपनी नम आँखों से उन्हें देखती रह गयी
वक़्त खुद के लिए माँगा था
2 पल बैठ कर मेरी बात सुनने का, कुछ उनकी बात सुनने का
पर वो समझ नहीं पाए
एक औरत को क्यों नहीं हैँ समझना???
जब कोई उसे समझने लगता हैँ, या वो उससे मिल कर, बातें कर खुश होती हैँ
उसे लगता हैँ के शायद वो खुश हैँ
तो क्यों लोग उन औरतों पर उंगलियां उठाने लगते हैँ उनके चरित्र को ख़राब कर देते हैँ
क्या उन औरतों को जीने का हक़ नहीं
क्या उन्हें सुकून नहीं चाहिए
बात ही तो किया हैँ उनसे
पता हैँ वो मेरे हो नहीं सकते, और ना मैं उनकी
फिर भी बे इन्तहा मोहब्बत हैँ उनसे
पास ना हो कर भी हर पल मेहसूस कर के खुश हो जाती हूँ
अब खुद में खुश रहना सिख लिया, या शायद किसी ने खुश रहना सिखा दिया
तो लोगो ने character का certificate देने लगे
बस कभी कभी युही बैठ कर दिल खुद से बातें करता हैँ
हर बात औरतों को ही क्यों हैँ सेहनी
लोग कहते हैँ औरतों को समझना मुश्किल हैँ
इतना भी नहीं जनाब, कभी पास बैठ कर बातें करो, समझने की ज़रूरी नहीं होंगी
बस दिल करता हैँ युही बैठ कर कही खुद में गुम हो जाऊं
खुद को भूल कर खुद से बे इंतेहा मोहब्बत कर बैठु
दिल करता हैँ बस हवाओ से बातें करूँ
उन हवाओ में खुद को भूल जाऊ
कभी कभी दिल करता हैँ ❤️❤️❤️