क्या सोचा था कि अगले साल भी सारे त्योहार इक्कठे मनायेगे..........
छोटे छोटे ख्वाबों को मिलकर पूरा करेंगे.......
पर पता थोड़े था कि हमारा सफर इतना कम होगा......
कि अगला साल तो क्या साल की शुरुवात ही भारी पढ़ जायेगी ............
आज जब बेटी के फर्जो की बात करते हुए लोगो को सुना तो .........
बहुत याद आई आपकी ....….
ना जाने कैसे निकलेगी ये जिंदगी........
पर आज वो शुरू किए काम कि कमाई को देख आपकी बहुत याद आई........…
बस आप जहां भी हो हमेशा खुश रहना यही अर्जी है मेरी कान्हा से............