तू खुद को इतना भी मत बचाया कर,
बारिश हो तो भीग जाया कर,
चाँद लाकर कोई नहीं देगा,
अपने चेहरे से जगमगाया कर,
दर्द मोती है, दर्द हिरा भी है,
इसे आँखों से यूँ ना बहाया कर,
काम ले तू इन हसीन होठों से,
बातों बातों में तू मुस्कुराया कर,
कौन कहता है दिल मिलाने को,
कम से कम तू हाथ तो मिलाया कर,
पीकू......