आजकल पूरा सोशल मीडिया अमिताभ बच्चन की ‘बहू और बेटी’ की खबरों से सुर्खियाँ बटोर रहा है । पहली बात बॉलीवुड में ये सब आम बातें हो चुकी हैं । दूसरी बात प्रत्येक माँ - बाप को अपनी हर संतान से एक समान प्यार होता है । केवल व्यवहार कभी - कभी उस प्यार में परिवर्तन ला देता है ।
मीडिया में श्बेटी के कारण बहू को नज़रअंदाज़ करने की बात हो रही है । मेरा मानना है कि यदि पति अपनी पत्नी के साथ खड़ा हो तो किसी के नज़रअंदाज़ करने का कोई महत्त्व नहीं है । पति एक बेटे का फर्ज निभाते हुए माता - पिता का साथ देना चाहता हो तो अच्छी बात है परंतु सही - गलत के निर्णय की क्षमता होनी चाहिए । जिस घर में केवल बेटी की सुनी जाती है या बेटी से ही घर की रौनक मानी जाती है उस घर में बहू कोई सम्मान नहीं पा सकती । जो माता - पिता केवल बेटी का ही पक्ष लेते हैं वो ये भूल जाते हैं कि वे अपने बेटे का जीवन बर्बाद कर रहे हैं ।
मेरे विचार से बेटी को जो प्यार और सम्मान दिया जाता है अगर उसका एक चौथाई भी बहू को दे दिया जाए तो वही बहू आपके घर को स्वर्ग बना देगी । सदा बहू को ही कठघरे में क्यों खड़ा कर दिया जाता है कि बहू घर को अपना नहीं मानती ? जब आप उसे अपना मानकर उस पर विश्वास दिखाएँगे तो वह पूरी तरह से आपको समर्पित हो जाएगी । एक बार प्यार से अपना बनाकर तो देखिए ।