आज कल उदासी का कारण समझना कुछ मुश्किल सा हो गया है........
ना जाने किसके कारण परेशान हो रहा है ये नादान सा दिन.......
ना जाने किससे बात करना चाह रहा है......
ना जाने क्यों खामोश सा बैठ गया है ये दिल......
कुछ करने की चाह भी रखता है.....
मुझे सफल होते हुए देखना भी चाहता है.......
पर न जाने फिर खुद ही लड़ने लगता है मुझ से.......
ना जाने क्यों खामोश सा बैठ गया है.......
ना जाने क्यों..........