मुंबई की बारिश को कह दो, कच्छ में भी लोग रहते हैं,
वहाँ की फिज़ाओं को संदेश दो, यहाँ के लोग भी तरसते हैं।
काले बादलों को बता दो, थोड़ा यहाँ भी बरस जाए,
सूखी धरती को जीवन दे, यहाँ भी कुछ हरियाली मुस्काए।
पानी की बूँदों का जादू, कच्छ की प्यास बुझा जाए,
मुंबई की बारिश से कह दो, थोड़ा यहाँ भी आ जाए।