माँ क्या है??
माँ एक ऐसी हस्ती है,
जिस में दुनिया मेरी बस्ती है।।
क्या ही कहने माँ के??
अरे उसके पैरों के नीचे तो जन्नत भी सजती है।।
क्या ही लिखे माँ के बारे में....
उसकी लिखावट से ही तो,
जिंदगी हमारी शुरू होती है।।
खुशनसीब है लड़के जो रोज माँ को देखते हैं....
अरे पूछो कोई लड़कियों से उनका हाल,
माँ को देखने के लिए जिसकी आह निकलती है।।
अल्फाज़ो से नही लिखी जा सकती माँ की कहानी..
माँ की कहानी के आगे तो,
हर किरदार की जिंदगी अधूरी लगती है।।
आँखों में आँसू,दिल में दर्द छुपा कर,
अपने बच्चे के सामने हँस पड़ती है।
वो माँ ही है जो हर दर्द से लड़कर,
अपनी औलाद को जन्म देती है।।।
दुनिया मे कोई नहीं ले सकता माँ की जगह,
उतनी खास माँ होती है।।
अरे वो माँ ही है जो अपने बच्चे को देखकर ही,
उसके दर्द को जान लेती है।।।
सुबह जिसकी सूरत को देखे बिना अधूरी लगती है।।
माँ के हँसी के आगे तो,
दुनिया की हर खुशियां फ़ीकी लगती है।।।
क्या ही कहने उस माँ के,
जो कभी अपने बच्चे को अकेला नही छोड़ती है।।।
छूट जाता है जब साथ अपनो का,
तब माँ ही है जो एक पहेली बनके खड़ी रहेती है।।
हर कोई नही ले सकता माँ की जगह,
माँ तो दूर हो के भी होती है हर जगह।।
माँ वो जज़्बात है,जो दुनिया मे सबसे ख़ास है।।
कभी प्यार,कभी दोस्ती तो कभी हर रिश्ते में,
छुपे उसके अहेसास है।।।।
और क्या ही कहने माँ के........
माँ तो वो हस्ती है।
जिसमें दुनिया मेरी बसती है।।
और उसी के कदमों के नीचे तो,
जन्नत मेरी सजती है।।।।
#MothersDay