पेगासस कथा करी, मोहबत आई फोन,
अडानी अमानी शोर सियासत सेफ जोन
दिवानगी यू जता कर चल दिए हंसाकर
लब्ज ही नासमझ थे गाफिल,बस दगाकर
चकरा हुये, हम कभी वाह री संजय सिंह
भरी दुपहरी मफलरी, पानी बिजुरी खींच
मलंग सा रूप सजाया, गाफिल करया नेक
सिर धुनया चकराया मिले कारीगर बस टेक
वाह री जात हुकारचंद, मसाज जन्त्री पदड़पंच
क्या बात भारत जोरी न्याव जात्रा मुहबतमारी गप
लाठी जोरी हाथ में पर कुत्ता कटवाय
जोबन झोल परीचित रे, हाथु हाथ बताय
कौण छुटये गुरू पकरे, खूब रचाया सांग
बात मासरे सु सब खपे, कुनबा परगी भांग
भारत भाई राघवा, विटठल सबोन सरदार
मोहु का विश्राम प्रभु राम राज्य सिरो धार
आस्तीनी मचमची, फड़फड़ाय मुफलर
बहादुर मनवा आका बरा, जमुरी हलर
कुण चौरा, गुण मंलगवा, साहिब रूप खुदाव
शबद सरोवर सागरा, नित नूतन घट जाय
माईक उलझी कैसीटा, चमचा राज उलझाय
ईडी सीबीआई आईफोन, एप्पल सु मचकाय
मौकाया हजूर ने खजूरी खाय मंकरद
परता इणरी खुली गई नित नूतन आनंद
शातिर शारूख हकालचंद, गरबर नशेबाज
भतैरे भाड़ बिलबिलावे, कुर बात री नौसाज
भौकाल पानी बिजली, लूटमार छ कलुवा गार
जहॉं दस्तुर सजा, आना पाई हिसाबन में रार
पढा पढाई साहिब री पार नहीं कोई पाय
गुण सज्ज्न लज्जित हुआ,खुद हुआ खुदाय
गोरी गजनवी अकबरी, बाबर लाय सुलग
ताजमहल चकाचौध, शानजहा शेख मुलक
गोमिद ज्ञान कोचिंगा, वाहरी जनता सरकार
लगया लगया उलझग्या, माच्या बता उपकार
मन मनुआ तेरी झोपरी, गल कटयन रे पास
सुबह शाम तरकारी, सब्जी इब्तदार दे खास