बहार बैठा एक लड़का करे मिन्नत कई ओ से
खाने को ,
मंदिर में न जाए तो भी चलेगा समय है बाहर ही पुण्य पाने को,
नही होते भगवान सिर्फ मंदिर और मज्जिद में,
कहते है सब की होते भगवान बच्चे में,
हाथ फैलाए खड़े है कई लोग उसी आश में,
कोई दे कुछ तो ना सोना पड़े भूख की प्यास में,
खुद लगा लो भोग गरीब का दिल दुआ देगा,
भगवान तो सिर्फ आपके भाव पे फ़िदा होगा।
नियत अच्छी रखो मेरी दुनिया के ओ इंसान ,
कुछ नही यहां तेरा,पैसा पैसा करके क्यू होता परेशान?
खिलाइए उनको जिनको जरूरत है आपकी,
अब यही जीवन में तो जरूरत है सबाब की।
आइए करते है नए रास्ते का निर्माण,
कीजिए जरूरत मंद लोगो का कल्याण।
❤️हर हर महादेव❤️
❤️जय गोपाल❤️
नंदी❤️