मेरी The Truth Of The World की लाइन
मैं हसने लगा की लोग क्या क्या सोच रहे है
देखा की ये भी वही सोच रहा है
की लोग उनकी तारीफे सोच रहे है
वो भी वहीँ सोच रहा है
की लोग तारीफे सोच रहे है
और उन लोगो को भी देखा जिनके बारे में सोच रहे है
वो भी सोच रहे है
की लोग उनकी तारीफे सोच रहे है
तो इनकी तारीफे सोच कौन रहा है
कोई अपने हुनर कोई अपने कारनामें कोई कोई बडा मुकाम हासिल करके
कोई अपनी मेहनत तो कोई अपनी खूबसूरती के बारे में सोच रहे है
की लोग इनकी तारीफे सोच रहे
वहीँ लोग अपना काम करते हुए
यहीं सोच रहे है
की लोग सोच रहे है
एक मालिक सोच रहा है की नौकर सोच रहा है कितना अच्छा मालिक है
और नौकर सोच रहा है की मालिक सोच रहा की कितना अच्छा नौकर है
एक सुंदर लड़की और लड़का क्या सोच रहा है
लड़की सोच रही है की लड़का सोच रहा है की कितनी सुन्दर लड़की है
और लड़का सोच रहा है की लड़की सोच रही है की
कितना सुन्दर लड़का है
हक़ीक़त ये है की सभी इस संसार में इस बहम को सोच सोच कर जी रहे है
कुछ खुदकी तारीफ सोचने वाले लोग मेरी ये कविता पढ़कर जल जाएंगे इस लिए मैं नीचे लिख देता हूँ महान कवि के शब्द
महान कवि के शब्द