अच्छे संबंधों का सूत्र,,,,,
जीवन में मित्रता प्यार मोहब्बत तथा संबंधों में इतना ही मिलना चाहिए जिससे कि उनमें नूतनता बनी रहे। केवल इतना ही मिलना चाहिए कि जब भी मिले उनमें और मिलने की इच्छा बनी रहे। पर अधिक नहीं मिलना चाहिए। अधिक मिलने से कड़वाहट पैदा होती है और संबंध बिगड़ जाते हैं। मिलने के पश्चात हमेशा ऐसी इच्छा बनी रहे की और मिलना है और मिलना है। यही इच्छा बनी रहे। संबंधों में व्यापार नहीं होना चाहिए।
बस यही संबंधों में प्रसन्नता का सूत्र है।