भूल न सके वो पुरानी यादें।
वह लम्हा छोड़ निकले कब से।
वो झुकती पलकों पर उनका बसेरा था।
बूंद बूंद पे तेरा दिखता नजारा था।
सामने से गुजरा मेरा हर एक सवेरा था।
खुली आंखों का ख्वाब वो मेरा था।
वजूद उनका लफ्जों में बयां ना हुआ मुझसे।
रूह तक उनका बसेरा था।