माँ
होता है दुनियाँ का सबसे छोटा शब्द,
जिसमें सम्पूर्ण ब्रह्मांड समाहित हो जाता है ,
हाँ यह भी बिल्कुल सच है ,
क्या होती है इसकी क़ीमत माँ बनने से ही पता लग पाता है,,
कैसे अपने भीतर मुझको तूने यूँ पाला है ,
क्या क्या सह कर तू इस दुनियाँ में मुझको लाती है ,
होता है तुझको भी दर्द , कह ना किसी से पाती है ,
बच्चों की ख़ातिर , सारे दर्द यूँ हंसते हंसते सह जाती है ,,
बच्चों की फ़रमाइश पूरी करने को क्या कुछ नही पकाती है ,
अन्नपूर्णा बनकर तू सबकी भूख मिटाती है ,
गर तेरे लिए कम पड़ जाए खाना ,
भूखे पेट ही तू सो जाती है ,,
होते हैं हज़ार चेहरे इस दुनिया में ,
पर माँ जैसा कोई खूबसूरत होता नही ,
चाहे कोई कुछ भी खा ले भले ही ,
पर माँ के हांथ के खाना सा कोई भूख मिटाता नही ,,
अपने आँगन की नन्ही चिड़िया जो सौंपे,
माँ जैसा दिल शायद कोई पाता नही ,
बहू को भी जो बेटी अपनी बनाये,
सबको बाँटे जो सिर्फ़ ख़ुशियाँ ,जादूगर ऐसा कोई देखा नही,,
खून से सींचकर अपने ,ममता जो वो लुटा जाती है ,
उसके आँचल सा सुकून ,कोई और दे पाता नही ,
वो माँ ही है ,जो आपको तकलीफ़ में पाकर ,
पूरी रात खुद चैन से सो पाती नही ,,
ना रह सकता है ,ईश्वर साथ सदा ,
इसलिए उसने माँ को अपना प्रतिरूप बना भेजा है ,
उसकी दुआएँ तब भी कम ना होती हैं बच्चों के लिए ,
जिसे चलना सिखाया , वो जब वृद्धाश्रम उसे छोड़ आता है ,,
माँ , तुम हो तो ,मैं हूँ ,
यूँही मेरा साया बनकर हमेशा साथ देना मेरा ,
हाँ ,मैं हूँ सबसे अमीर इस जहान में ,
मेरे पास , मेरे लिए दुआ करने वाली है , मेरी माँ
हर माँ को समर्पित ,,,,,