किताबें
एक अनजानी सी पहेली,
सुलझा दे चुटकियों में,
भरदे बच्चों की हथेली,
अनजाने सपनों से ।
यह हैं एक विमान
जिससे होंगे सपने साकार,
पथ के पाथेय के समान
देंगी तुम्हारे सपनों को आकारा
जिंदगी के मार्ग पर,
बढ़ते चले हम,
पुस्तकें साथ दें, हमारा,
और यूंही अपने सपने साकार करदे
हम
लेखिका। - मनस्वी पूरी